Manimahesh Yatra 2026: बिना पंजीकरण नहीं कर सकेंगे यात्रा, 1 अगस्त से शुरू होगी ऑनलाइन स्लॉट बुकिंग
डलहौज़ी हलचल | चम्बा
पवित्र श्री मणिमहेश यात्रा-2026 पर जाने की तैयारी कर रहे श्रद्धालुओं के लिए पंजीकरण अनिवार्य रहेगा। इस वर्ष कोई भी श्रद्धालु बिना पंजीकरण के मणिमहेश यात्रा नहीं कर सकेगा। श्रद्धालुओं के लिए ऑनलाइन पंजीकरण एवं स्लॉट बुकिंग की सुविधा 1 अगस्त, 2026 से शुरू होगी और इसके लिए 50 रुपये पंजीकरण शुल्क निर्धारित किया गया है।
उपायुक्त चम्बा मुकेश रेपस्वाल ने श्री मणिमहेश यात्रा के दौरान अपनाई जाने वाली पंजीकरण प्रक्रिया को लेकर आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए यह जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यात्रा पर आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु का पंजीकरण आवश्यक होगा और इसके सत्यापन के लिए विशेष निरीक्षण केंद्र भी स्थापित किए जाएंगे।
1 अगस्त से शुरू होगा ऑनलाइन पंजीकरण और स्लॉट बुकिंग
उपायुक्त मुकेश रेपस्वाल ने बताया कि श्रद्धालु 1 अगस्त से श्री मणिमहेश यात्रा की आधिकारिक वेबसाइट पर अपना ऑनलाइन पंजीकरण और स्लॉट बुकिंग कर सकेंगे।
श्री मणिमहेश यात्रा आधिकारिक पंजीकरण वेबसाइट
यात्रा के लिए प्रत्येक श्रद्धालु को 50 रुपये पंजीकरण शुल्क देना होगा। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से यात्रा पर रवाना होने से पहले पंजीकरण प्रक्रिया पूरी करने को कहा है, ताकि रास्ते में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
पंजीकरण पर्ची पर होगा QR कोड, जांच में होगा सत्यापन
पंजीकरण पूरा होने के बाद श्रद्धालु को एक पंजीकरण पर्ची जारी की जाएगी। इस पर्ची पर अंकित QR कोड में यात्री से संबंधित आवश्यक जानकारी उपलब्ध रहेगी, जिससे निरीक्षण केंद्रों पर पंजीकरण का सत्यापन आसानी से किया जा सकेगा।
पर्ची पर श्रद्धालु का जरूरी विवरण, आपातकालीन सहायता नंबर तथा यात्रा के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों और महत्वपूर्ण दिशा-निर्देशों का भी स्पष्ट उल्लेख किया जाएगा।
प्रशासन का उद्देश्य पंजीकरण प्रणाली के माध्यम से यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या और आवश्यक जानकारियों का बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित करना है।
लाहडू और कलसुंई में बनेंगे पंजीकरण निरीक्षण केंद्र
उपायुक्त ने बताया कि जिला चम्बा के लाहडू और कलसुंई में पंजीकरण निरीक्षण केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों पर यात्रा के लिए आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु के पंजीकरण का सत्यापन अनिवार्य रूप से किया जाएगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना पंजीकरण के श्री मणिमहेश यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए ठहरने सहित किसी भी प्रकार की व्यवस्था उपलब्ध नहीं करवाई जाएगी।
पुलिस विभाग को निरीक्षण केंद्रों पर यातायात और भीड़ प्रबंधन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
सोशल मीडिया पर भी बताई जाएगी पूरी पंजीकरण प्रक्रिया
बैठक के दौरान ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया का डेमोंस्ट्रेशन भी प्रस्तुत किया गया। इसके बाद उपायुक्त ने अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी भरमौर को निर्देश दिए कि पंजीकरण प्रक्रिया का सोशल मीडिया सहित विभिन्न माध्यमों से व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए।
उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं को पंजीकरण, स्लॉट बुकिंग और यात्रा से संबंधित आवश्यक दिशा-निर्देश पहले से उपलब्ध करवाए जाएं, ताकि उन्हें पंजीकरण के दौरान किसी तरह की कठिनाई का सामना न करना पड़े।
श्री मणिमहेश यात्रा के लिए विकसित आधिकारिक वेबसाइट पर भी यात्रा से संबंधित आवश्यक जानकारियां उपलब्ध रहेंगी।
सभी एसडीएम को समय रहते तैयारियां पूरी करने के निर्देश
उपायुक्त मुकेश रेपस्वाल ने पिछले वर्ष की श्री मणिमहेश यात्रा के अनुभवों को ध्यान में रखते हुए सभी एसडीएम को यात्रा से संबंधित तैयारियां समय रहते पूरी करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि प्रशासनिक स्तर पर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पहले ही सुनिश्चित की जाएं, ताकि किसी भी परिस्थिति में श्रद्धालुओं को जरूरी सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा सकें।
इससे पूर्व अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी भरमौर विकास शर्मा ने वर्चुअल माध्यम से श्री मणिमहेश यात्रा-2026 के सफल आयोजन को लेकर की जा रही विभिन्न तैयारियों की जानकारी उपायुक्त को दी।
ऑनलाइन पंजीकरण का दिया गया डेमोंस्ट्रेशन
बैठक में नेट जैन कंपनी के वरिष्ठ प्रबंधक गौरव गुप्ता ने श्रद्धालुओं के लिए तैयार की गई पंजीकरण प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी। इस दौरान ऑनलाइन पंजीकरण का डेमोंस्ट्रेशन भी प्रस्तुत किया गया।
उन्होंने बताया कि श्री मणिमहेश यात्रा के लिए विकसित आधिकारिक वेबसाइट पर पंजीकरण के साथ यात्रा से संबंधित सभी आवश्यक जानकारियां उपलब्ध करवाई जाएंगी।
बैठक में पुलिस अधीक्षक विजय सकलानी, अतिरिक्त उपायुक्त अमित मैहरा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दिनेश शर्मा और उप पुलिस अधीक्षक बलदेव दत्त उपस्थित रहे, जबकि सभी उपमंडलों के एसडीएम वर्चुअल माध्यम से बैठक से जुड़े।
