हिमाचल की मजबूत पैरवी: एनजेडसी बैठक में उठे BBMB, चंडीगढ़ हिस्सेदारी और हिमाचल सदन के अहम मुद्दे
डलहौज़ी हलचल | शिमला
उत्तरी क्षेत्रीय परिषद (एनजेडसी) की स्थायी समिति की 22वीं बैठक शिमला में आयोजित हुई, जिसमें सदस्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से जुड़े विभिन्न अंतर्राज्यीय मामलों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक की अध्यक्षता हिमाचल प्रदेश के मुख्य सचिव के.के. पंत ने की।
बैठक में पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली, जम्मू-कश्मीर तथा केंद्रशासित प्रदेश लद्दाख के प्रतिनिधियों ने भाग लिया और विभिन्न साझा मुद्दों के समाधान पर विचार-विमर्श किया।
जल संसाधन, साइबर अपराध और आपदा प्रबंधन पर चर्चा
मुख्य सचिव के.के. पंत ने कहा कि उत्तरी क्षेत्रीय परिषद से जुड़े राज्यों के सामने कई समान चुनौतियां और अवसर मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि जल संसाधनों की साझेदारी, साइबर अपराध, शहरी आवास, खाद्य सुरक्षा, महिलाओं एवं बच्चों के विरुद्ध अपराध, नशीले पदार्थों की तस्करी और आपदा प्रबंधन जैसे विषयों पर आपसी सहयोग आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि सहभागी राज्य इन मुद्दों के समाधान के लिए व्यावहारिक और रचनात्मक दृष्टिकोण अपनाते हुए आगे बढ़ेंगे।

हिमाचल ने उठाए अपने प्रमुख मुद्दे
बैठक के दौरान हिमाचल प्रदेश सरकार ने कई महत्वपूर्ण विषयों को प्रमुखता से उठाया। इनमें भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) में हिमाचल प्रदेश से पूर्णकालिक सदस्य की नियुक्ति का मुद्दा प्रमुख रहा। राज्य सरकार ने कहा कि परियोजना में हिमाचल प्रदेश एक महत्वपूर्ण हितधारक है, इसलिए उसकी पर्याप्त भागीदारी सुनिश्चित की जानी चाहिए।
इसके अलावा चंडीगढ़ के सेक्टर-52 में हिमाचल सदन के निर्माण के लिए भूमि आवंटन तथा संयुक्त पंजाब के उत्तराधिकारी राज्य होने के नाते उच्चतम न्यायालय के निर्णय के अनुरूप चंडीगढ़ में हिमाचल प्रदेश की हिस्सेदारी का विषय भी बैठक में उठाया गया।
नशा तस्करी पर नियंत्रण को मिलेगा बल
बैठक में जानकारी दी गई कि शिमला में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की पूर्ण क्षेत्रीय इकाई को क्रियाशील कर दिया गया है। यह इकाई राज्य और केंद्रीय एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के साथ-साथ अंतर्राज्यीय एवं सीमापार मादक पदार्थ तस्करी पर प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से हिमाचल प्रदेश और पड़ोसी राज्यों में नशा तस्करी के खिलाफ अभियान को और मजबूती मिलेगी।

66 एजेंडा बिंदुओं पर हुई विस्तृत चर्चा
बैठक में विभिन्न अंतर्राज्यीय विषयों से संबंधित कुल 66 एजेंडा बिंदुओं पर चर्चा की गई। इसके बाद सदस्य राज्यों द्वारा अपनाई जा रही उत्कृष्ट कार्यप्रणालियों पर प्रस्तुतियां भी दी गईं। हिमाचल प्रदेश की ओर से भी तीन महत्वपूर्ण प्रस्तुतियां साझा की गईं।
कई राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी रहे शामिल
बैठक में पंजाब के मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा, हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, दिल्ली के अतिरिक्त मुख्य सचिव नवीन कुमार चौधरी, जम्मू-कश्मीर की आयुक्त-सह-सचिव आर. एलिस वाज, लद्दाख के आयुक्त-सह-सचिव डॉ. लालटिंकुमा फ्रैंकलिन, अंतर्राज्यीय परिषद सचिवालय के सचिव आशीष श्रीवास्तव सहित विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
राजस्थान के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने अपने अधिकारियों सहित वर्चुअल माध्यम से बैठक में भाग लिया।
अंतर्राज्यीय समन्वय को मिलेगा नया आयाम
मुख्य सचिव के.के. पंत ने कहा कि एनजेडसी की स्थायी समिति राज्यों के बीच संवाद, सहयोग और लंबित विवादों के समाधान के लिए एक प्रभावी मंच साबित हो रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि बैठक में हुई चर्चाएं क्षेत्रीय विकास और बेहतर समन्वय को नई दिशा देंगी।
