मणिमहेश यात्रा 2026: अब हड़सर से डल झील तक दुकान लगाने के लिए लेनी होगी DFO की अनुमति, स्वच्छता शुल्क भी होगा अनिवार्य
डलहौज़ी हलचल (भरमौर) : पवित्र मणिमहेश यात्रा के सफल और स्वच्छ संचालन को लेकर प्रशासन ने अपनी कमर कस ली है। एडीएम भरमौर विकास शर्मा ने मंगलवार को हड़सर में पुजारियों और स्थानीय दुकानदारों के साथ एक विशेष बैठक की। बैठक में यात्रा मार्ग पर दुकानों की स्थापना, स्वच्छता और क्षतिग्रस्त रास्तों की मरम्मत को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
दुकानदारों के लिए नए दिशा-निर्देश
एडीएम ने स्पष्ट किया कि इस वर्ष यात्रा मार्ग पर व्यवस्था को और बेहतर बनाया जाएगा:
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DFO की अनुमति अनिवार्य: हड़सर से डल झील तक दुकानें स्थापित करने के लिए अब वन विभाग (DFO कार्यालय) से औपचारिक अनुमति लेना अनिवार्य होगा।
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स्वच्छता शुल्क (Sanitation Fee): पर्यावरण की सुरक्षा के लिए डीएफओ कार्यालय द्वारा दुकानदारों से स्वच्छता शुल्क लिया जाएगा।
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NGT के नियम: सभी दुकानें नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के निर्देशों के अनुसार ही लगाई जा सकेंगी।
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अवैध दुकानों पर कार्रवाई: डल झील के आसपास लगी अवैध दुकानों को तुरंत हटाया जाएगा ताकि झील की पवित्रता और सुंदरता बनी रहे।
क्षतिग्रस्त मार्ग और पुलों की मरम्मत शुरू
पिछली बरसात के दौरान क्षतिग्रस्त हुए रास्तों को लेकर एडीएम ने राहत भरी खबर दी:
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रास्तों का कार्य: हड़सर से डल झील तक क्षतिग्रस्त मार्ग की मरम्मत का कार्य मंगलवार से ही शुरू कर दिया गया है।
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पुलों का निर्माण: दुनाली और धनछो में बारिश से टूटे पुलों का निर्माण लोक निर्माण विभाग (PWD) और वन विभाग के माध्यम से नए सिरे से करवाया जाएगा।
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भू-स्खलन: भरमौर से हड़सर मार्ग पर जहां भी लैंडस्लाइड से सड़क खराब हुई है, उसे जल्द ठीक करने के निर्देश दिए गए हैं।
पुजारियों के साथ संवाद और सुझाव
बैठक में हड़सर के पुजारियों ने यात्रा के दौरान आने वाली समस्याओं से प्रशासन को अवगत करवाया। एडीएम विकास शर्मा ने आश्वासन दिया कि पुजारियों द्वारा दिए गए सुझावों को आगामी मणिमहेश यात्रा की कार्ययोजना में शामिल किया जाएगा।
“हमारा प्रयास है कि श्रद्धालुओं को यात्रा में कोई असुविधा न हो और पर्यावरण का भी संरक्षण हो। एनजीटी के नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाएगा।” – विकास शर्मा, एडीएम भरमौर
