राजकीय महाविद्यालय चुवाड़ी में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया, 165 प्रतिभागियों ने किया योगाभ्यास

राजकीय महाविद्यालय चुवाड़ी में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। 165 विद्यार्थियों और प्रतिभागियों ने योगाभ्यास कर स्वस्थ जीवन का संकल्प लिया।
राजकीय महाविद्यालय चुवाड़ी में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया, 165 प्रतिभागियों ने किया योगाभ्यास

चुवाड़ी में उत्साह और गरिमा के साथ मनाया गया अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस

डलहौज़ी हलचल | चुवाड़ी (चंबा) | भूषण गुरंग 

राजकीय महाविद्यालय चुवाड़ी में रविवार सुबह अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन बड़े उत्साह एवं गरिमापूर्ण वातावरण में किया गया। कार्यक्रम में राजकीय महाविद्यालय चुवाड़ी, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला चुवाड़ी तथा प्राथमिक पाठशाला कुठेड़ के विद्यार्थियों ने सक्रिय सहभागिता निभाई। आयुष विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की उपस्थिति ने आयोजन को और भी विशेष बना दिया।

कार्यक्रम में कुल 165 विद्यार्थियों एवं प्रतिभागियों ने भाग लेकर योगाभ्यास किया तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया।

विद्यार्थियों को बताया योग का महत्व

कार्यक्रम में राजकीय महाविद्यालय चुवाड़ी के प्राचार्य डॉ. संजय सिंह पठानिया, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला चुवाड़ी की प्रधानाचार्य श्रीमती रेखा सोगा, आयुष विभाग से डॉ. सुची तथा कार्यक्रम अध्यक्ष डॉ. आकाश दीप शर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहे।

उन्होंने विद्यार्थियों को योग, प्राणायाम और शारीरिक व्यायाम के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी तथा नियमित योगाभ्यास के लाभों पर प्रकाश डाला।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल से वैश्विक पहचान मिली योग को

अपने संबोधन में प्राचार्य डॉ. संजय सिंह पठानिया ने कहा कि वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा संयुक्त राष्ट्र महासभा में योग दिवस मनाने का प्रस्ताव रखा गया था, जिसे दिसंबर 2014 में 177 देशों का समर्थन प्राप्त हुआ। इसके बाद 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया गया।

उन्होंने कहा कि योग का वास्तविक अर्थ शरीर, मन, बुद्धि और आत्मा का समन्वय है। महर्षि पतंजलि द्वारा दी गई परिभाषा “योगश्चित्तवृत्तिनिरोधः” आज भी मानव जीवन के लिए अत्यंत प्रासंगिक है।

तनावमुक्त और स्वस्थ जीवन का आधार है योग

डॉ. पठानिया ने कहा कि वर्तमान समय में बढ़ते तनाव, चिंता और प्रतिस्पर्धा के बीच योग केवल एक शारीरिक व्यायाम नहीं बल्कि जीवन जीने की एक प्रभावी कला है।

उन्होंने बताया कि 21 जून वर्ष का सबसे लंबा दिन (समर सॉल्सटिस) होता है, जिसका वैज्ञानिक और आध्यात्मिक दृष्टि से विशेष महत्व है। यही कारण है कि इस तिथि को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के लिए चुना गया।

आयुष विभाग ने करवाया योगासन और प्राणायाम

योग सत्र के दौरान आयुष विभाग के विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को विभिन्न योगासनों एवं प्राणायाम का अभ्यास करवाया। साथ ही नियमित योग के शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।

विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को स्वस्थ, अनुशासित और संतुलित जीवन के लिए नियमित योग अपनाने का संदेश दिया।

एनसीसी और शिक्षकों की रही सक्रिय भागीदारी

कार्यक्रम में एनसीसी राजकीय महाविद्यालय चुवाड़ी के सीटीओ प्रो. विपन कुमार, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला चुवाड़ी के एनसीसी एएनओ गांधी राम तथा श्रीमती सविता कौशल भी उपस्थित रहे।

इसके अतिरिक्त महाविद्यालय के सभी आचार्यगण, सहायक आचार्यगण एवं कर्मचारी कार्यक्रम में शामिल हुए और योगाभ्यास में सक्रिय भागीदारी निभाई।

योग को जीवन का हिस्सा बनाने का लिया संकल्प

कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागियों ने योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा बनाने तथा स्वस्थ और सकारात्मक समाज के निर्माण में योगदान देने का संकल्प लिया। आयोजन ने विद्यार्थियों और शिक्षकों के बीच योग के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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