डॉ. वाई.एस. परमार विद्यार्थी ऋण योजना बनी मेधावी छात्रों का सहारा, अवनी और तनिष्क के सपनों को मिली नई उड़ान
डलहौज़ी हलचल | ऊना
आर्थिक तंगी अब मेधावी विद्यार्थियों के सपनों की राह में बाधा नहीं बनेगी। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में वर्ष 2023 में शुरू की गई डॉ. वाई.एस. परमार विद्यार्थी ऋण योजना प्रदेश के हजारों विद्यार्थियों के लिए उम्मीद की नई किरण बनकर सामने आई है। योजना के तहत पात्र विद्यार्थियों को मात्र एक प्रतिशत ब्याज दर पर 20 लाख रुपये तक का शिक्षा ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे वे बिना आर्थिक चिंता के उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकें।
अवनी शर्मा की कहानी बनी प्रेरणा
जिला ऊना के चौकीमनियार गांव की रहने वाली अवनी शर्मा इस योजना का लाभ उठाने वाली प्रेरणादायक छात्राओं में शामिल हैं। सीमित आर्थिक संसाधनों वाले परिवार से आने वाली अवनी का उच्च शिक्षा का सपना आर्थिक तंगी के कारण अधूरा रह सकता था, लेकिन योजना के तहत चार लाख रुपये का शिक्षा ऋण मिलने से उनकी राह आसान हो गई।
अवनी वर्तमान में नकोदर में बी.एससी. मेडिकल (एनेस्थीसिया एवं ऑपरेशन थिएटर टेक्नोलॉजी) की पढ़ाई कर रही हैं।
उन्होंने बताया कि उनके पिता मनरेगा और दिहाड़ी मजदूरी करके परिवार का पालन-पोषण करते हैं। चार बेटियों की पढ़ाई का खर्च उठाना परिवार के लिए बेहद कठिन था। ऐसे समय में इस योजना ने उनके भविष्य को नई दिशा दी।
‘अब आर्थिक तंगी नहीं बनेगी बाधा’
अवनी ने बताया कि कई लोगों ने उन्हें पढ़ाई छोड़कर पार्लर या सिलाई का कार्य सीखने की सलाह दी थी, लेकिन उनका सपना स्वास्थ्य क्षेत्र में करियर बनाने का था। शिक्षा ऋण मिलने के बाद अब वे बिना आर्थिक चिंता के अपनी पढ़ाई पूरी कर रही हैं और भविष्य में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में समाज की सेवा करना चाहती हैं।
उनकी माता सुमन शर्मा ने भी योजना के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए उच्च शिक्षा का बड़ा सहारा साबित हो रही है।

तनिष्क जसवाल को भी मिला लाभ
इसी प्रकार हरोली विधानसभा क्षेत्र के भदसाली गांव के तनिष्क जसवाल भी इस योजना का लाभ लेकर कंप्यूटर साइंस में बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे हैं। उन्हें छह लाख रुपये का शिक्षा ऋण स्वीकृत हुआ, जिससे उनके परिवार पर आर्थिक बोझ काफी कम हुआ और अब वे पूरी एकाग्रता के साथ अपने करियर की तैयारी कर रहे हैं।
योजना की प्रमुख विशेषताएं
उच्च शिक्षा विभाग ऊना के उपनिदेशक अनिल कुमार ने बताया कि इस योजना के तहत—
- मात्र 1 प्रतिशत ब्याज दर पर अधिकतम 20 लाख रुपये तक शिक्षा ऋण उपलब्ध कराया जाता है।
- ऋण राशि का उपयोग ट्यूशन फीस, हॉस्टल शुल्क, भोजन, अध्ययन सामग्री और अन्य शैक्षणिक खर्चों के लिए किया जा सकता है।
- परिवार की वार्षिक आय सीमा 4 लाख रुपये से बढ़ाकर 12 लाख रुपये कर दी गई है, जिससे अधिक विद्यार्थी इसका लाभ उठा सकें।
कौन कर सकता है आवेदन?
योजना का लाभ लेने के लिए—
- आवेदक हिमाचल प्रदेश का स्थायी निवासी होना चाहिए।
- आयु 28 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए।
- पिछली कक्षा में कम से कम 60 प्रतिशत अंक होना अनिवार्य है।
यह योजना मेडिकल, इंजीनियरिंग, नर्सिंग, फार्मेसी, मैनेजमेंट सहित विभिन्न व्यावसायिक एवं तकनीकी पाठ्यक्रमों के अलावा स्नातकोत्तर (PG) और पीएचडी स्तर तक के पात्र पाठ्यक्रमों के लिए भी लागू है।
आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन
उपनिदेशक अनिल कुमार ने बताया कि आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी है। इच्छुक विद्यार्थी निदेशक उच्च शिक्षा, हिमाचल प्रदेश की आधिकारिक वेबसाइट से आवेदन प्रपत्र डाउनलोड कर निर्धारित प्रारूप में भरकर उपनिदेशक उच्च शिक्षा कार्यालय, ऊना में जमा कर सकते हैं।
हर पात्र विद्यार्थी तक पहुंचे योजना का लाभ
उपायुक्त जतिन लाल ने कहा कि जिला प्रशासन यह सुनिश्चित कर रहा है कि योजना का लाभ प्रत्येक पात्र विद्यार्थी तक सरल, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पहुंचे। उन्होंने कहा कि किसी भी विद्यार्थी की प्रतिभा उसकी आर्थिक स्थिति की मोहताज नहीं होनी चाहिए और सरकार का प्रयास है कि संसाधनों के अभाव में किसी भी छात्र का सपना अधूरा न रह जाए।
