किसानों और बागवानों के लिए बड़ी पहल! सरकार भरेगी रिक्त पद, प्राकृतिक खेती को मिलेगा बढ़ावा
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में कार्य कर रही सरकार
डलहौज़ी हलचल | शिमला
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने सोमवार देर सायं जनजातीय विकास एवं बागवानी विभागों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से सरकार द्वारा विभिन्न योजनाओं के माध्यम से ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार रसायन-मुक्त कृषि उत्पादों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) प्रदान कर रही है, जिससे किसानों को बेहतर आर्थिक लाभ मिल रहा है।
बागवानी विभाग को मिलेगा हरसंभव सहयोग
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों और बागवानों तक सरकारी योजनाओं का लाभ प्रभावी ढंग से पहुंचाने के लिए बागवानी विभाग को हरसंभव सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने विभाग में रिक्त पदों को शीघ्र भरने के भी निर्देश दिए, ताकि विभागीय कार्यों में तेजी लाई जा सके।
एचपी-शिवा परियोजना की समीक्षा, फसलों के विविधीकरण पर जोर
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने एचपी-शिवा परियोजना की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों की भौगोलिक और जलवायु परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए बागवानी क्षेत्र में फलों की विभिन्न किस्मों का विविधीकरण आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि बागवानी हिमाचल प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और विभाग को बागवानों को आधुनिक तकनीकी सहायता उपलब्ध करवानी चाहिए, ताकि उनकी आय में वृद्धि सुनिश्चित की जा सके।
वन अधिकार अधिनियम के तहत 656 दावे स्वीकृत
मुख्यमंत्री ने जनजातीय विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा करते हुए इनके प्रभावी क्रियान्वयन में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि मार्च 2023 से मार्च 2026 के बीच वन अधिकार अधिनियम, 2006 के तहत 636 व्यक्तिगत तथा 20 सामुदायिक दावे स्वीकृत किए गए हैं।
इन दावों के निपटारे के लिए कुल 2,259.24 हेक्टेयर भूमि पात्र लाभार्थियों को हस्तांतरित की गई है, जिससे जनजातीय क्षेत्रों के लोगों को लाभ मिला है।
एकलव्य विद्यालयों में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने निचार, पांगी, भरमौर और लाहौल स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों के कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को सर्वश्रेष्ठ शैक्षणिक एवं आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में इन चारों विद्यालयों में कुल 1,013 विद्यार्थी शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।
