कविताओं से गूंजा बनीखेत विश्राम गृह, 11 रचनाकारों ने दी शानदार प्रस्तुतियां
बनीखेत में साहित्यिक आयोजन ने बिखेरे शब्दों के रंग
डलहौज़ी हलचल | बनीखेत
विश्राम गृह बनीखेत में 17 जून 2026 को एक भव्य कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें क्षेत्र के साहित्यकारों, कवियों और साहित्य प्रेमियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम में भारतीय जीवन बीमा निगम से सेवानिवृत्त अधिकारी श्री रमेश अरोड़ा ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की, जबकि नव निर्वाचित प्रधान ग्राम पंचायत बैल्ली कैप्टन जैसी राम विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
मां सरस्वती के पूजन से हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। इसके बाद कवियों ने अपनी स्वरचित रचनाओं का पाठ कर साहित्यिक वातावरण को जीवंत बना दिया। श्रोताओं ने कवियों की प्रस्तुतियों का भरपूर आनंद लिया और तालियों की गूंज से उनका उत्साहवर्धन किया।
साहित्य के सामाजिक योगदान पर रखे विचार
कार्यक्रम में विशेष रूप से उपस्थित अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ डलहौजी के अध्यक्ष दीपक भगवालिया तथा न्यू पेंशन कर्मचारी संघ हिमाचल प्रदेश के राज्य प्रवक्ता ओम प्रकाश आजाद ने साहित्य की सामाजिक भूमिका पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि साहित्य समाज को दिशा देने और सकारात्मक चेतना विकसित करने का प्रभावी माध्यम है।

11 बहुभाषी कवियों ने प्रस्तुत कीं रचनाएं
कवि सम्मेलन में क्षेत्र के 11 बहुभाषी कवियों ने हिस्सा लिया। इनमें वरिष्ठ कवि अशोक दर्द, बलदेव मोहन खोसला, जगजीत आजाद, केवल सिंह भारती, सुभाष साहिल, विशाल वर्मा, उमेश शर्मा, उपासना पुष्प, शाम अजनबी तथा रामानंद ठाकुर सहित अन्य रचनाकारों ने अपनी उत्कृष्ट रचनाएं प्रस्तुत कीं।
कवियों ने सामाजिक सरोकारों, प्रकृति, मानवीय संवेदनाओं और समकालीन विषयों पर आधारित रचनाओं के माध्यम से श्रोताओं का मनोरंजन करने के साथ-साथ उन्हें सोचने पर भी मजबूर किया।
साहित्यिक आयोजनों को आगे बढ़ाने पर हुई चर्चा
कार्यक्रम का सफल संचालन फिरोज कुमार रोज ने किया। इस अवसर पर एनएचपीसी के अधिकारीगण, समाजसेवी गुरु चरण सिंह, श्रीमती सुमन आजाद सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान भविष्य में भी ऐसे साहित्यिक आयोजनों को निरंतर आयोजित करने तथा क्षेत्र में साहित्यिक गतिविधियों को और अधिक प्रोत्साहन देने पर विस्तृत चर्चा की गई।
आयोजक सुभाष साहिल ने जताया आभार
कार्यक्रम के अंत में मुख्य आयोजक सुभाष साहिल ने सभी अतिथियों, कवियों, श्रोताओं और सहयोगियों का धन्यवाद करते हुए कहा कि साहित्यिक गतिविधियां समाज में सकारात्मक ऊर्जा और सांस्कृतिक चेतना का संचार करती हैं। उन्होंने भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों के आयोजन का संकल्प व्यक्त किया।
